Author: ramparmar
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Good company in a journey makes the way seem shorter. — Izaak Walton

How to Do Surya Namaskar Complete Guide In Hindi
1
प्रणाम आसन
2
हस्तउत्तानासन
3
हस्तपाद आसन
4
अश्व संचालन आसन
5
दंडासन
श्वास लेते हुए बाएँ पैर को पीछे ले जाएँ और संपूर्ण शरीर को सीधी रेखा में रखें।
ध्यान ‘सहस्रार चक्र’ पर केन्द्रित करने का अभ्यास करें।
इस योग आसन को और प्रभावी कैसे बनाएँ? अपने हाथ ज़मीन के लंबवत रखें।
6
अष्टांग नमस्कार
आराम से दोनों घुटने ज़मीन पर लाएँ और श्वास छोडें। अपने कूल्हों को पीछे उपर की ओर उठाएँ I पूरे शरीर को आगे की ओर खिसकाएँI अपनी छाती और ठुड्डी को ज़मीन से छुएँ।
श्वांस छोड़ दें। ध्यान को ‘अनाहत चक्र’ पर टिका दें। श्वास की गति सामान्य करें।
अपने कुल्हों को थोड़ा उठा कर ही रखेंI अब दो हाथ, दो पैर, दो घुटने, छाती और ठुड्डी (शरीर के आठ अंग) ज़मीन को छूते हुए होंगे।
7
भुजंग आसन
आगे की ओर सरकते हुए, भुजंगासन में छाती को उठाएँI कुहनियाँ (Elbow) मुड़ी रह सकती हैं। कंधे कानों से दूर और दृष्टि ऊपर की ओर रखें।
मूलाधार को खींचकर वहीं ध्यान को टिका दें।
इस योग आसन को और प्रभावी कैसे बनाएँ?
श्वास लेते हुए छाती को आगे की तरफ धकेलने का सौम्य प्रयास करें। श्वास छोड़ते हुए नाभि को सहजता से नीचे की ओर दबाएँI पैरों की उंगलियों को भी नीचे की तरफ दबाएँ। यह सुनिश्चित करें कि जितना कर सकते हैं उतना ही करें, अपने साथ ज़बरदस्ती ना करें।
8
पर्वत आसन
श्वास छोड़ते हुए कूल्हों और रीढ़ की हड्डी के निचले भाग को ऊपर उठाएँ, छाती को नीचे झुकाकर एक उल्टे वी (˄) के आकार में आ जाएँ।
ध्यान ‘सहस्रार चक्र’ पर केन्द्रित करने का अभ्यास करें।
इस योग आसन को और प्रभावी कैसे बनाएँ? यदि संभव हो तो एड़ियों को ज़मीन पर ही रखें और रीढ़ के निचले भाग को ऊपर उठाने का प्रयास करें। खिंचाव को गहराई से अनुभव करें।
9
अश्वसंचालन आसन
श्वास लेते हुए दाहिना पैर दोनों हाथों के बीच ले जाएँ, बाएँ घुटने को ज़मीन पर रख सकते हैं। दृष्टि ऊपर की ओर रखेंI
ध्यान को ‘स्वाधिष्ठान’ अथवा ‘विशुद्घि चक्र’ पर ले जाएं। मुखाकृति सामान्य रखें।
इस योग आसन को और प्रभावी कैसे बनाएँ?
दाहिने पंजे को दोनो हाथों के बीच में रखें और दाहिनी पिंडली को ज़मीन के लंबवत रखेंI कूल्हों को नीचे की तरफ ले जाने का प्रयास करें ताकि खिंचाव को गहराता हुआ अनुभव किया जा सके।
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हस्तपाद आसन
श्वास छोड़ते हुए बाएँ पैर को आगे लाएँ, हथेलियों को ज़मीन पर ही रहने दें। अगर ज़रूरत हो तो घुटने मोड़ सकते हैं।
माथा घुटनों का स्पर्श करता हुआ ध्यान नाभि के पीछे ‘मणिपूरक चक्र’ पर केन्द्रित करते हुए कुछ क्षण इसी स्थिति में रुकें। कमर एवं रीढ़ के दोष वाले साधक न करें।
इस योग आसन को और प्रभावी कैसे बनाएँ? धीरे से घुटनों को सीधा करें और अगर संभव हो तो अपनी नाक से घुटनों को छूने का प्रयास करें, और श्वास लेते रहें।
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हस्तउत्थान आसन
श्वास लेते हुए रीढ़ की हड्डी को धीरे धीरे ऊपर लाएँ, हाथों को ऊपर और पीछे की ओर ले जाएँ, कुल्हों को आगे की तरफ धकेलें।
ध्यान को गर्दन के पीछे ‘विशुद्धि चक्र’ पर केन्द्रित करें।
इस योग आसन को और प्रभावी कैसे बनाएँ?
सुनिश्चित करें कि कान बाजू से सटे हों और खिंचाव ऊपर की ओर हो, न कि पीछे की ओर।
12ताड़ासन
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घर पर तैयार क्लींजर से करें चेहरे की सफाई, हल्दी, दूध और शहद से चेहरा बनेगा चमकदार How to make natural cleanser at home
चेहरा साफ़ करने के लिए उसे धोना ही काफी नहीं है बल्कि गहराई से सफ़ाई भी ज़रूरी है। इस तरह सफ़ाई न होने के कारण त्वचा पर मुंहासे, ब्लैक हैड्स होने के साथ ही त्वचा बेजान और रूखी भी नज़र आती है। त्वचा को दाग़-धब्बे रहित व चमकदार बनाए रखने के लिए घरेलू क्लींज़र अच्छा ज़रिया हैं। ये त्वचा को साफ़ करने के साथ ही निखरा और मुलायम बनाते हैं।
कैसे घर पर बनाएं क्लींजर।
मुंहासे और ब्लैक हैड्स दूर करता है क्लींजर
काबुली चना पाउडर और हल्दी
काबुली चना पाउडर और बेसन को ख़ासतौर से त्वचा की सफ़ाई के लिए इस्तेमाल में लिया जाता है। इनमें मौजूद प्राकृतिक गुण त्वचा की रंगत को निखारने के साथ ही टैनिंग, मुंहासों और दाग़-धब्बों को भी दूर करते हैं।
ऐसे करें इस्तेमाल :
दो बड़े चम्मच काबुली चना पाउडर(या बेसन), 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर और थोड़ा सा दूध डालकर अच्छी तरह से मिलाकर पेस्ट बना लें। पेस्ट अधिक गाढ़ा न रखें, वरना चेहरे पर लगाने पर चिपकेगा नहीं। पेस्ट को चेहरे पर लगाकर 10-20 सेकंड के लिए छोड़ दें। फिर हल्केहाथों से मसाज करें। इससे चेहरा साफ़ और निखरा नज़र आएगा
दूध है प्राकृतिक क्लींज़र
ऐसे करें इस्तेमाल :
5 बड़े चम्मच ठंडे दूध में चुटकीभर नमक मिलाएं। दोनों को अच्छी तरह से मिक्स करें। इस मिश्रण को कॉटन बॉल की मदद से चेहरे और गर्दन पर लगाएं। लगभग 1 से 2 मिनट बाद हल्के हाथों को चेहरे पर गोलाई में घुमाते हुए मसाज करें और पानी से धो लें। शहद से बनी रहेगी नमी
शहद एक प्राकृतिक फेस क्लींज़र है। ये त्वचा से धूल-मिट्टी को गहराई से निकालता है। संवेदनशील त्वचा के लिए ये काफी फायदेमंद है। ये त्वचा में नमी बनाए रखता है। ऐसे करें इस्तेमाल :
मटके को जमीन में उल्टा रखकर पकाई जाती है किंग ऑफ गुजराती डिशेज ‘उंधियू’ King Of Gujarati dishes ‘Undhiyu’
उंधियू गुजरात की एक खास डिश है, जो ज्यादातर सर्दियों के मौसम में ही बनाई और खाई जाती है। इसमें खासकर दक्षिणी गुजरात में सर्दी के मौसम में इफरात से मिलने वाली कई तरह की सब्जियां डाली जाती हैं। माना जाता है कि इस डिश का ईजाद सूरत में हुआ था। हालांकि इसको लेकर दूसरे शहर भी दावे कर सकते हैं। आज इसी डिश के बारे में बता रहे हैं शेफ हरपाल सिंह सोखी…
उल्टे मटके में पकाने से मिला नाम उंधियू
इस डिश को यह नाम मिला है गुजराती शब्द ‘उंधू’ से जिसका मतलब होता है उलटा। दरअसल, पारंपरिक तौर पर उंधियू को मिट्टी के मटके में बनाया जाता है। इसमें इस्तेमाल होने वाली सभी सब्जियों को केले के पत्तों में लपेटकर उन्हें मटके में भर दिया जाता है। फिर मटके के मुंह पर आम के पत्ते रखकर उसे आटे से सील कर दिया जाता है। जमीन में गड्ढा खोदकर उसमें आग जलाते हैं और फिर इस मटके को गड्ढे में उलटा रख देते हैं। मटके के भीतर सब्जियों को करीब दो घंटे तक धीमी आंच पर पकाया जाता है। दो घंटे बाद जब उसे निकाला जाता है, तो बन जाता है उंधियू। लेकिन उंधियू को बनाने का यह तरीका अतीत की बात हो चुकी है। शहरों या कस्बों में अब बहुत ही कम लोग इस तरीके से उंधियू बनाते हैं। आजकल उंधियू को गैस पर ही कुकर या कड़ाही आदि में बनाया जाता है।
उल्टे मटके में पकाने से मिला नाम उंधियू
तली मुठिया और बनाने का तरीका देता है खास स्वाद
इस डिश में मुख्य रूप से हरी बीन्स या ताजी मटर के दाने, कच्चे केले, छोटे बैंगन, छोटे आलू और यम (कंद) जैसी सब्जियां डलती हैं जो दक्षिण गुजरात के इलाकों जैसे सूरत, नवसारी और वलसाड में ठंड के मौसम में प्रचुरता से मिलती हैं। अब आप सोचेंगे कि यह तो मिक्स वेजिटेबल है। इसमें नया क्या है? जी हां, नया है तो इसमें डलने वाले मुठिया और इसे बनाने का तरीका। भले ही इसे अब मटके में नहीं बनाया जाता हो, तब भी इसे पकाने का तरीका आम सब्जी से अलग ही है। ये मुठिया ही उंधियू को खास बनाते हैं। उंधियू बनाने से पहले मुठिया बनाए जाते हैं। मुठिया बनाने के लिए बेसन के आटे में मेथी की भाजी को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर मिलाया जाता है और फिर उसे पूरी के आटे की तरह गूंध लिया जाता है। उन्हीं के छोटे-छोटे रोल्स कर उन्हें बाद में तेल में तलकर मुठिया बनाए जाते हैं।
खास मसालों से खिलता है रंग
पिसे हुए भुने तिल, पिसे हुए भुने मूंगफली के दाने, कद्दूकस किया हुआ अदरक, पिसी हुई हरी मिर्च, पिसा हुआ हरा धनिया, नमक, मिर्च, धनिया पाउडर, अमचूर पाउडर, गुड़ या शक्कर आदि को थोड़े से तेल और पानी या छाछ में अच्छी तरह से भूनकर मसाला बनाया जाता है। इसी मसाले के इस्तेमाल से बनता है उंधियू। यहां हम इसकी पूरी विधि नहीं बता रहे हैं, लेकिन इतने से ही इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि उंधियू बनाने की प्रक्रिया इतनी आसान नहीं है। उंधियू बनाने वाले को पर्याप्त समय और धैर्य का परिचय देना पड़ता है। जाहिर है, जब इतना समय लगेगा तो चीज भी तो स्वादिष्ट बनेगी ही। गुजराती परिवारों में उंधियू को गरमा-गरम चपाती या पूरी के साथ परोसा जाता है। यह शादियों में भी एक शानदार पकवान होता है।
सर्दियों के लिए रसम का नया अंदाज ‘मिलागू रसम’
चलते-चलते दक्षिण भारत के गरमागरम रसम की भी बात कर लेते हैं। वैसे तो रसम दक्षिण भारत की सदाबहार डिश है। लेकिन सर्दियों के मौसम में इसमें भी थोड़ा ट्विस्ट दे दिया जाता है। इस मौसम में रसम में काली मिर्च की मात्रा काफी बढ़ा दी जाती है। काली मिर्च सर्दी के दिनों में शरीर को अंदर से गर्म रखती है। इस रसम को ‘मिलागू रसम’ कहा जाता है।
स्किन से लेकर बालों तक की नमीं को बरकरार रखें How to maintain Skin and hair moisturisation in Winter
सर्दियों में ड्राय स्किन और डैंड्रफ की समस्या सबसे कॉमन है। बालों और स्किन का रूखापन रोकने के लिए मॉश्चराइज करना ही जरूरी नहीं बल्कि कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जैसे बहुत ज्यादा गर्म पानी का इस्तेमाल स्किन और बाल, दोनों को नुकसान पहुंचाता है। जानिए इस मौसम में कैसे रखें शरीर का ख्याल….
खास बातें जो स्किन और हेयर प्रॉब्लम्स से दूर रखेंगी
2.
सर्दियों में डाइट में बदलाव कर अस्थमा मरीज रख सकते हैं अपना ख्याल Diet Change for asthma pateint In Winter Season
सर्दी का मौसम जहां स्वस्थ लोगों के लिए सौगात बनकर आता है तो वहीं अस्थमा के रोगियों के लिए परेशानी का सबब भी रहता है। अस्थमा रोगियों के लिए खासकर चढ़ती और उतरती सर्दी ज्यादा घातक होती है, क्योंकि इस दौरान मौसम में तेजी से बदलाव होता है। इससे उनमें सांस चलने की समस्या काफी बढ़ जाती है। अब जबकि मकर संक्रांति के बाद सूरज अपनी दिशा बदलेगा तो बदलते मौसम में अस्थमा रोगियों को कुछ ज्यादा सतर्कता रखनी होगी। घर के बाहर निकलने पर इन्हें अपने मुंह और नाक को मास्क या कपड़े से कवर करके रखना होगा। इसके अलावा डाइट में कुछ चीजों को शामिल करने से भी अस्थमा के मरीजों को थोड़ी सहूलियत हो सकती है। एसे मे हम अापको बताने जा रहे हे तीन असरदार तरीके…
तीन तरीके आजमा कर पाएं राहत
हल्दी और शहद
हल्दी और शहद दोनों में एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी एलर्जिक प्रॉपर्टीज होती हैं जो कफ से राहत दिलाती है। अगर हल्दी व शहद को मिलाकर लिया जाए तो इसका असर दोगुना हो जाता है। अस्थमा के रोगियों के लिए तो यह प्रभावी फॉर्मूला है। रोजाना दो बार चुटकी भर हल्दी में शहद मिलाकर उसे चाटने से अस्थमा रोगियों को श्वास चलने की समस्या में राहत मिलती है। सर्दी-जुकाम से परेशान सामान्य व्यक्ति भी इसका इस्तेमाल कर सकता है।
अंजीर का सेवन
रोजाना रात को सोने से पहले साफ पानी में दो-तीन सूखे अंजीर भिगो दीजिए। अंजीर भिगोने से पहले उन्हें भी अच्छे से धो लीजिए। सुबह उठकर खाली पेट ही उन्हें अच्छी तरह से चबा-चबाकर खा लीजिए। अंजीर खाने के बाद उस पानी को पी लीजिए जिसमें आपने रात भर अंजीर भिगोए थे। अंजीर श्वास नली में जमा कफ को साफ कर देता है जिससे अस्थमा के मरीज को श्वास लेने में कम दिक्कत होती है।
अदरक-लहसुन की चाय
अस्थमा के दौरान श्वास लेने में आने वाली दिक्कतों को दूर करने में अदरक और लहसुन की चाय भी काफी मददगार होती है। इसे बनाना भी बहुत आसान है। पहले अदरक की सामान्य चाय बना लीजिए। अब लहसुन की दो-दिन कलियों को पीसकर उसे उस चाय में मिक्स कर लीजिए। अब इसे दोबारा से गरम करने की जरूरत नहीं है। यह चाय पीने में बेस्वाद लग सकती है, लेकिन काफी असरदार होती है।
5 Ways to Be Healthy, Fit and Happy स्वस्थ, फिट और खुश रहने के 5 तरीके
यहां आपको स्वस्थ, फिट और खुश रहने के ५ आसान तरीके बताए गए हैं। और अभी उन्हें अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के लिए पूरी जीवन शैली अपनाए।
आइए इसका सामना करते हैं, हम सभी जानते हैं कि हम स्वस्थ रहने के लिए अपनी साप्ताहिक दिनचर्या में सुधार कर सकते हैं, अधिक फिट हो सकते हैं और कम तनाव महसूस कर सकते हैं। दुर्भाग्य से, अक्सर हमारे व्यस्त कार्यक्रम, ओवरबुक किए गए कैलेंडर और कई प्रतिबद्धताएं खुद का स्वस्थ्य एवं फिट होने के रास्ते में बाधा हैं।
1
20% कम खाएं: हम सभी आवश्यकता से अधिक खाते हैं!
आज से ही शुरू करो।
भोजन एक पौष्टिक दृष्टि से सभी की जरूरत है।
एक छोटी प्लेट या कटोरी का उपयोग करें। यदि आप कल कम खाना चाहते हैं, तो अपने आप से कुछ छोटे बर्तन खरीदें।
अपने प्रोटीन को साइड डिश बनाएं। अपने सलाद और सब्जियों के साथ अपनी प्लेट भरें और अपने आप को जरुरी आवश्यकता की तुलना में थोड़ा काम खाएँ।
2
। दैनिक व्यायाम करें: हर दिन कुछ ऐसा करें जिसमें हमारा शारीर हो।
प्रति दिन २० मिनट के लिए व्यायाम करें। कोई बात नहीं आप क्या करे । टहलें, खिंचाव करें, अपनी बाइक चलाएं, योगा करें, रस्सी कूदें, तैराकी करें। विकल्प अंतहीन हैं, और जैसा कि जानीमानी कंपनी नाइक कहती है: Just Do It।
आपको कोई ऐसा व्यायाम करो जो आपके पुरे शरीर को पसीना बहा दे।
दो शब्द: आकस्मिक व्यायाम! एस्केलेटर के बजाय सीढ़ियां लें, बगीचे को रेक करें, काम करने के लिए कार को धोएं, पैदल चलें या बाइक चलाएं या हर दिन ऑफिस से अपनी कार ३ ब्लॉक दूर पार्क करें।
3
। ध्यान करें:
अपने दिन रूटीन सेट करने का एक शानदार तरीका।
अपने दिन की शुरुआत में सिर्फ कुछ पल बैठने और ध्यान लगाने की कोशिश करें। आप एक समय निर्धारित कर सकते हैं और पूरे दिन को उज्जवल बना सकते हैं। अलग-अलग ध्यान विकल्प बहुत सारे हैं – अपनी आवश्यकताओं के अनुसार चुनें।
इसके बारे में हम आगे एक नयी पोस्ट बनाएंगे जो ध्यान यानि मेडिकेशन क्या है और इसके फायदे के बारे में डिटेल में जानेंगे
लेकिन अभी में सिर्फ आपको एक शरुआत बताने जा रहा हु ।
५ मिनट के लिए एक टाइमर सेट करें, एक आरामदायक जगह ढूंढें, अपनी आँखें बंद करें, एक गहरी साँस लें और इसे छोड़ दे ।
कुछ अलग प्रकारों को आज़माएँ और देखें कि आपके लिए क्या आसान है। जप करो, गाओ, सुनो, कविता पढ़ो या बस बैठो।
4
। अधिक आराम करें: आराम और नींद के लिए अपनी आवश्यकता पर ध्यान देना शुरू करें। बाकी यह नहीं है कि आप हर रात कितने घंटे की नींद लेते हैं। अपने सप्ताह में कुछ आराम और विश्राम को भी शामिल करना सुनिश्चित करें।
· प्रति सप्ताह कम से कम एक बार गर्म स्नान करें। कोई भी एरोमाथेरेपी जोड़ें जो आपके लिए अछि हो और गर्म स्नान का पानी आपकी मांसपेशियों को शांत करेगा और आपके दिमाग को आराम देगा।
ओरोमाथेरपी के बारे में हम आगे एक पोस्ट बनायेंगे। जिसमे उनके बारे में डिटेल्स में जांएंगे।
पर्याप्त नींद लेने के महत्व को कम न करें। रोज़ाना समयसे पहले बिस्तर पर सो जाये और देखें कि आप सुबह कैसे महसूस करते हैं; आपको बस अपने नियमित समय में एक या दो घंटे की नींद जोड़ने की आवश्यकता हो सकती है।
5
। जॉय फैक्टर बढ़ाएँ:
ख़ुशी सभी को अलग-अलग मायनो में आती है; अपने दैनिक जीवन में आनंद बढ़ाने के तरीके खोजना आपके विचार से आसान है।
संगीत सुनें। यह आपकी आवश्यकताओं के आधार पर आराम या उत्थान हो सकता है। काम से घर के रास्ते में कार में कुछ शास्त्रीय संगीत में अपना दिन गायन या ट्यूनिंग शुरू करने के लिए शॉवर में रहने के दौरान कुछ पसंदीदा धुनों को बजाने का प्रयास करें।
अपने जीवन में एक सामयिक मालिश जोड़ें – यह एक वास्तविक उपचार है जिसे आप जानते हैं कि आप योग्य हैं। यह आपके शरीर का सम्मान करने और मन को शांत करने का एक अच्छा तरीका है।
हम आगे की पोस्ट में मालिस के बारे में डिटेल्स में जांएंगे।
अच्छे दोस्तों और परिवार के साथ कुछ नियमित रूप से निर्धारित समय की पिकनिक बनाएं। अपने सबसे अच्छे दोस्तों के साथ परिवार के रविवार की चुटी में होटल में डिनर में जाये । जिन लोगों से आप प्यार करते हैं और जो आपसे प्यार करते हैं, उनके साथ रहने से आपकी खुशी के पूरे एहसास में फर्क पड़ता है।
अगर आपको ये हमारी पोस्ट अछि लगी तो लाइक कीजिये
अगर आप हमें कोई सुझाव देना चाहते हे
या आपको कोई हेल्थ के रिलेटेड कोई टॉपिक के बारे में ज्यादा जानकारी चाहिए तो प्लीज कमेंट कर दीजिये।
ओर अगर आपको ये पोस्ट बहोत यूजफुल लगी तो अपने दोस्तों के बिच शेयर करना मत भुल्ये ।




























