स्किन से लेकर बालों तक की नमीं को बरकरार रखें How to maintain Skin and hair moisturisation in Winter

सर्दियों में ड्राय स्किन और डैंड्रफ की समस्या सबसे कॉमन है। बालों और स्किन का रूखापन रोकने के लिए मॉश्चराइज करना ही जरूरी नहीं बल्कि कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जैसे बहुत ज्यादा गर्म पानी का इस्तेमाल स्किन और बाल, दोनों को नुकसान पहुंचाता है। जानिए इस मौसम में कैसे रखें शरीर का ख्याल….
खास बातें जो स्किन और हेयर प्रॉब्लम्स से दूर रखेंगी


सर्दी में शुष्क हवा सबसे पहले त्वचा की नमी को खत्म करती है। इसका असर पूरी बॉडी पर पड़ता है। मार्केट में अलग-अलग बॉडी टाइप के अनुसार बॉडी लोशन उपलब्ध हैं, जिसे इस्तेमाल किया जा सकता है। जैसे स्किन ड्राई है तो ऐसा बॉडी लोशन प्रयोग करें जिसमें मिल्क और ग्लिसरीन की मात्रा हो।

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मार्केट में मौजूद बॉडी लोशन का प्रयोग नहीं करना चाहती हैं तो ग्लिसरीन, गुलाबजल और नींबू को मिलाकर आसानी से बॉडी लोशन तैयार कर सकती हैं। इसके लिए अगर 50 एमएल गुलाब जल ले रही हैं तो 20 एमएल ग्लिसरीन लें। इसमें 1 नींबू पूरा निचोड़कर अच्छे से मिलाएं। नहाने के तुरंत बाद इसे पूरे शरीर पर लगाएं

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इन दिनों गुनगुने पानी से ही नहाएं वरना रूखापन अधिक बढ़ सकता है। साधारण साबुन और स्क्रब का प्रयोग न करें। ये रूखी स्किन में खिंचाव पैदा करते हैं। इनकी जगह माइल्ड सोप का प्रयोग करें। इनमें केमिकल की मात्रा बेहद कम होती है और स्किन को मॉइश्चराइज करते हैं। 
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ग्लिसरीन बेस्ड मॉइश्चराइजर न होने पर नहाने के तुरंत बाद शरीर में नमी बरकरार रखने के लिए नारियल तेल को पूरे शरीर पर लगाएं। या फिर इसेंशियल ऑयल की कुछ बूंदें नहाने के पानी में मिलाएं।
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अंडे का प्रयोग एक अच्छा फेस मास्क के रूप में हो सकता है। अंडे में प्रोटीन और वसा दोनों की मात्रा होती है, इसलिए चेहरे पर फेसमास्क की तरह प्रयोग करने से त्वचा में नमी और ग्लो दोनों ही रहता है। अंडे को शहद में मिलाकर भी फेसमास्क के तौर पर प्रयोग किया जा सकता है। 
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होंठों की देखभाल के लिए पेट्रोलियम जेली या विटामिन-ई युक्त लिपबाम का प्रयोग करें। ये नमी बनाए रखता है। अगर होंठ बहुत ज़्यादा फट रहे हों तो कुछ दिनों के लिए लिपस्टिक ना लगाएं। सर्दियों में मैट लिपस्टिक लगाने के पहले और लिपस्टिक लगाने के बाद होंठों को मॉइस्चराइज करना न भूलें।
7.
पैरों की देखभाल के लिए ऑयल बेस्ड मॉइस्चराइजर लगाएं। ऑयल बेस्ड मॉस्चराइजर पैर की त्वचा पर एक मजबूत परत बनाता है, जो किसी भी साधारण क्रीम की तुलना में त्वचा की नमी को बनाए रखने में अधिक कारगर है। एड़ियों को मुलायम बनाने के लिए पेट्रोलियम जेली या ग्लिसरीन बेस्ड लोशन लगाएं। समय-समय पर एड़ियों को स्क्रब कर मॉइश्चराइज करें।
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ठंड में अक्सर आंखों के आसपास की त्वचा सिकुड़ी नजर आती है और गंदगी जम जाती है। इससे बचने के लिए सोने से पहले साफ पानी से आंखों को धो लें और फ‌िर कॉटन बॉल से पोछें। अब कॉटन बॉल को बादाम तेल में डुबोकर आइलिड्स पर पांच से दस मिनट तक रखें, उसके बाद एक उंगली से हल्के हाथों से मसाज करें।
9.
बाल सर्दी में भी मजबूत रहें, इसके लिए उनकी जड़ों से मजबूत होना जरूरी है। बालों की नियमित तौर पर मसाज करनी चाहिए। हफ्ते में दो से 3 बार मसाज करना पर्याप्त रहता है। जैतून के तेल से या बादाम के तेल से बालों की मसाज की जा सकती है। ठंड के मौसम में तेल में थोड़ा सा नींबू भी डाल लें और इससे बालों की हफ्ते में 1 बार 15 मिनट तक मसाज करें।
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डैंड्रफ से छुटकारा पाने के लिए एक कटोरी दही में दो नींबू निचोड़कर पेस्ट जैसा बना लें। इसे बालों के जड़ों पर हाथ के पोर से लगाएं और 15 मिनट तक मसाज करें। पेस्ट को 1 से डेढ़ घंटे तक बालों में लगा रहने दें और इसके बाद हल्के गुनगुने पानी से बालों को धो लें। इससे बालों का रुखापन और डैंड्रफ दूर होता है। 

सर्दियों में डाइट में बदलाव कर अस्थमा मरीज रख सकते हैं अपना ख्याल Diet Change for asthma pateint In Winter Season

सर्दी का मौसम जहां स्वस्थ लोगों के लिए सौगात बनकर आता है तो वहीं अस्थमा के रोगियों के लिए परेशानी का सबब भी रहता है। अस्थमा रोगियों के लिए खासकर चढ़ती और उतरती सर्दी ज्यादा घातक होती है, क्योंकि इस दौरान मौसम में तेजी से बदलाव होता है। इससे उनमें सांस चलने की समस्या काफी बढ़ जाती है। अब जबकि मकर संक्रांति के बाद सूरज अपनी दिशा बदलेगा तो बदलते मौसम में अस्थमा रोगियों को कुछ ज्यादा सतर्कता रखनी होगी। घर के बाहर निकलने पर इन्हें अपने मुंह और नाक को मास्क या कपड़े से कवर करके रखना होगा। इसके अलावा डाइट में कुछ चीजों को शामिल करने से भी अस्थमा के मरीजों को थोड़ी सहूलियत हो सकती है। एसे मे हम अापको बताने जा रहे हे तीन असरदार तरीके…

तीन तरीके आजमा कर पाएं राहत

हल्दी और शहद    

 

हल्दी और शहद दोनों में एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी एलर्जिक प्रॉपर्टीज होती हैं जो कफ से राहत दिलाती है। अगर हल्दी व शहद को मिलाकर लिया जाए तो इसका असर दोगुना हो जाता है। अस्थमा के रोगियों के लिए तो यह प्रभावी फॉर्मूला है। रोजाना दो बार चुटकी भर हल्दी में शहद मिलाकर उसे चाटने से अस्थमा रोगियों को श्वास चलने की समस्या में राहत मिलती है। सर्दी-जुकाम से परेशान सामान्य व्यक्ति भी इसका इस्तेमाल कर सकता है।

अंजीर का सेवन

रोजाना रात को सोने से पहले साफ पानी में दो-तीन सूखे अंजीर भिगो दीजिए। अंजीर भिगोने से पहले उन्हें भी अच्छे से धो लीजिए। सुबह उठकर खाली पेट ही उन्हें अच्छी तरह से चबा-चबाकर खा लीजिए। अंजीर खाने के बाद उस पानी को पी लीजिए जिसमें आपने रात भर अंजीर भिगोए थे। अंजीर श्वास नली में जमा कफ को साफ कर देता है जिससे अस्थमा के मरीज को श्वास लेने में कम दिक्कत होती है।

अदरक-लहसुन की चाय

अस्थमा के दौरान श्वास लेने में आने वाली दिक्कतों को दूर करने में अदरक और लहसुन की चाय भी काफी मददगार होती है। इसे बनाना भी बहुत आसान है। पहले अदरक की सामान्य चाय बना लीजिए। अब लहसुन की दो-दिन कलियों को पीसकर उसे उस चाय में मिक्स कर लीजिए। अब इसे दोबारा से गरम करने की जरूरत नहीं है। यह चाय पीने में बेस्वाद लग सकती है, लेकिन काफी असरदार होती है।